पति-पत्नी और पांच लड़कियों की कहानी। Motivational stories. Hindi kahani.

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पति-पत्नी और पांच लड़कियों की  कहानी। Motivational stories. Hindi kahani. Hindi story. Best story. 

एक Girls College में एक बहोत हि सुंदर महिला Professor की नोकरी जॉइन करती है। महिला जितनी सुंदर थी उतनी ही सुंदर उसका स्वभाव और बात करने का तरीका था। पहले ही दिन इतनी सुंदरता से बात की और सब के साथ घुलमिल गई। एक दिन फ्री पीरियड में मेडम ओर लड़किया साथ मे बैठ कर बातचीत कर रहे थे। एक लड़किने पूछा मेडम आप इतनी सुंदर और जवान है आपकी उमर कितनी है। मेडम कहती है मेरी उम्र 35 साल है। लड़की ने पूछा आपके कितने बच्चे है। मेडम ने कहा बेटा मेरी अभी शादी ही नहीं हुई। सभी लड़कियों को आश्चर्य होने लगा। कि इतनी सुंदर महिला की अभी तक शादी नहीं हुई! एक लड़की ने पूछा मेडम आपने अभी तक शादी क्यो नहीं कि ? उत्तर में मेडम ने कहा! में तुम्हे एक कहानी सुनाती हूँ।

 

एक गाँव में एक महिला की पांच लडकिया थी। उसको एक भी लड़का नही था। उसके पति परेशान हो गया था। क्योंकि उसे लड़का चाहिये था। पति ने पत्नी से कहा जो अबकी बार लड़की बार लड़की हुई तो में उसे बाहर छोड आऊंगा। महोला फिर से प्रेग्नेंट होती है। उसे फिर से लड़की होती है। उसका पति बहोत गुस्सा होता है। वो रात में उस बच्ची को लेकर एक मंदिर के बाहर छोड़ आता है। माँ उसके लिए बहोत रोती है। दूसरे दिन जब पति मंदिर जाता है तो देखता है बच्ची वही पर पड़ा हुआ था। वो उसे लेकर घर आता है।

 

 फिर रात को मंदिर के बाहर छोड़ आता है। फिर बच्ची वही रहती है। यह कुछ दिन चलता है और पति कहता है। लगता है भगवान की यही इच्छा है कि इस बच्ची की में ही पालन पोषन करू। वो उसे घर तो ले आता है पर रोज उसे नफरत के रूप से देखता है। एक साल बाद फिर से महिला प्रेग्नेंट होती है इस बार उसे लड़का होता है। पर उस मे से बड़ी बेटी की मृत्यु हो जाती है। और फिर महिला को एक एक कर के पांच लड़के होते है। और हर बार इसकी एक बेटी की मृत्यु हो जाती है।

 

 अब पति-पत्नी के पास पांच लड़के और एक लड़की बची थी। पति तो बहोत खुश था। उसे लगता था कि मैने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ। पर उसकी गिनती गलत थी। पांचों लड़के बड़े हुए। उनकी शादी हुई और वो अपने अपने पत्नी के साथ शहेर में रहने चले गए। मां की भी मृत्यु हो चुकी थी। लड़के साल में एक बार खाली अपने पिता की पूछताछ करने आते बस। लड़के का पिता भी बहोत बृद्ध हो चुके थे। अपने आप देगभाल कर सके वैसी हालत में नहीं थे। अपनी कहानी अभूरी रख के मेडम ने कहा। लड़कियों तुम्हे पता है जो लड़की को वो पिता मन्दिर के बाहर छोड़कर आते थे और कभी उसे सम्भाला नहीं वो कोन है? 

 

वो लड़की में हूँ। मेरे पापा इतने बृद्ध हो चिके थे कि वो ठीक से खा भी नहीं सकते। में उनकी देगभाल करती हूं। और इस लिए मेने शादी नहीं की। मेरे पिता की देगभाल करने वाली सिर्फ और सिर्फ में हूं। मेरे पापा को बहोत पछतावा है। वो बार बार मुझसे माफी मांगते है। पर में मन मे उनके लिए कुछ नही रखती। वो आखिर है तो मेरे पापा। मेरा अस्तित्व भी उनके कारण है। अगर में ना रहू तो उनकी देगभाल को करेगा। इस लिये मेने शादी नहीं ही। collage की सभी लड़कियों ने ताली बजाकर उनकी तारीफ की। 

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